दूसरी नदियों के लिए मिसाल! एक मठ ने अभियान चला तुंगभद्रा नदी से 2 दिन में निकाला 70 टन कचरा
कुरनूल जिले में श्री राघवेंद्र स्वामी मठ ने तुंगभद्रा नदी को साफ करने के लिए दो दिनों का एक अभियान चलाया. इसमें मठ के 500 से अधिक स्वयंसेवकों की भागीदारी देखी गई. केवल दो दिन में नदी से 70 टन कचरा निकाला गया.
अनंतपुर. आंध्र प्रदेश में तुंगभद्रा नदी की सफाई के लिए एक मठ ने अनूठी पहल शुरू की. तुंगभद्रा नदी की सफाई के लिए कुरनूल जिले में श्री राघवेंद्र स्वामी मठ ने दो दिनों का एक अभियान चलाया. इसमें मठ के 500 से अधिक स्वयंसेवकों को बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी करते देखा गया. इन लोगों ने केवल दो दिन में नदी से 70 टन कचरा निकाल दिया. आम तौर पर नदी के किनारे और स्नान घाटों पर लोग कचरा, पुराने कपड़े और अन्य सामानों को छोड़ देते हैं. इसके अलावा तुंगभद्रा नदी के ऊपरी इलाकों से पानी के निरंतर प्रवाह के माध्यम से कचरा और दूसरी चीजें तुंगभद्रा बांध से मंत्रालयम तक आ जाती हैं.
श्री राघवेंद्र स्वामी मठ ने तुंगभद्रा नदी का दो दिवसीय सफाई अभियान का आयोजन इसलिए किया ताकि श्रद्धालुओं को तुंगभद्रा नदी में स्नान करने में कोई समस्या न हो. तुंगभद्रा नदी की सफाई पर औसतन 7,000 मानव-घंटे खर्च किए गए और लगभग 70 टन कचरा हटाया गया. यह लगातार 10वां वर्ष था जब श्री राघवेंद्र स्वामी मठ ने तुंगभद्रा नदी में वार्षिक सफाई अभियान चलाया.
गौरतलब है कि तुंगभद्रा नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (Public Green Tribunal) ने भी चिंता जाहिर की थी. उसके निर्देशों को ध्यान में रखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने नदी कायाकल्प समिति (River Rejuvenation Committee-RRC) का गठन किया है. समिति ने एक एक्शन प्लान बनाया है. जिसके हिसाब से प्रदूषण को इस हद तक कम कर देना है कि कम से कम लोग उसमें स्नान कर सकें.
श्री राघवेंद्र स्वामी मठ ने तुंगभद्रा नदी की सफाई का जो अभियान शुरू किया है, उससे देश के दूसरे हिस्सों में फैली तमाम धार्मिक संस्थाएं प्रेरणा ले सकती हैं. उत्तर भारत में गंगा और यमुना नदी के किनारे कई बसे हरिद्वार, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे नगरों में अनेक मठ और बड़े मंदिर स्थित हैं. यदि ये संस्थाएं भी अपनी नदियों को साफ करने के लिए कोई जन अभियान शुरू करें तो उसके बेहतर नतीजे सामने आ सकते हैं. केवल धार्मिक संस्थाएं ही नहीं बल्कि आम जनता से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाएं भी अगर नदियों की साफ-सफाई के काम को शुरू करती हैं, तो उससे मैली हुई नदियों को साफ करने में मदद मिलेगी

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